Thursday, August 29, 2013

"मैं महक रही हूँ फूलों सी अपनी बाहों में उसे लेकर
मैं चहक रही कोयल सी  उसकी आवाज़ को सुनकर
 मेरी साँसों में बस गयी है उसकी साँसों की खुशबू
 इत्र उड़ेल दिया हो जैसे किसी ने  मेरी रूह पर " 

1 comment:

  1. aap http://nayi-purani-halchal.blogspot.in par kyun nahi aai ??

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